ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों में होने वाली समस्या है, जिसमें हड्डियों का बीएमडी लेवल कम हो जाता है, जिससे हड्डियों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियां पतली या खोखली होकर कमजोर हो जाती हैं।
हमारी हड्डियां कई तरह के मिनरल से मिलकर बनी होती हैं, जो कि उम्र के साथ कम होने लगते हैं। कई बार तो हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि मामूली सी चोट से भी टूट जाती हैं।
ऑस्टियोपोरोसिस प्रोटीन, विटामिन डी और कैल्शियम की कमी की वजह से होता है और महिलाएं इसकी ज्यादा रोगी मिलती हैं।
आइए आपको बताते हैं कि किस तरह घरेलू उपायों को अपनाकर आप ऑस्टियोपोरोसिस से बच सकती हैं।
ऑस्टियोपोरोसिस के लिए घरेलू नुस्ख़े
प्रून्स
प्रून्स यानि सूखे प्लम, खाने से हड्डियों की कमजोरी दूर होती है। प्रून्स में मौजूद पोलीफिनोल्स हड्डियों को हुए नुकसान की भरपाई करता है। इतना ही नहीं प्रून्स में बोरान और तांबा जैसे खनिज होते हैं जो कि हड्डियों के लिए जरूरी खनिजों में शामिल हैं।
सेब
सेब में पोलीफिनोल्स और फ्लेवनोइड्स के साथ ही एंटी ऑक्सीडेंट भी होता है जो कि हड्डियों की सूजन को कम करके उनके घनत्व को बढ़ाता है। इसलिए रोज एक सेब खाने की आदत बनाएं।
नारियल का तेल
एक्सपर्ट की मानें तो अपने आहार नारियल तेल को शामिल करने से हड्डियों का घनत्व बढ़ता है। साथ ही एस्ट्रोजन की कमी भी पूरी होती है। नारियल के तेल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट यौगिक हड्डियों के ढांचे को सुरक्षित रखते हैं।
बादाम का दूध
बादाम के दूध में कैल्श्यिम की उच्च मात्रा होती है। इसलिए बादाम का दूध ऑस्टियोपोरोसिस के बेहद अच्छा उपचार है। बादाम के दूध में हड्डियों के लिए जरूरी तत्व मैग्नीशियम, मैगनीज और पौटेशियम भी शामिल होते हैं। ऐसे में रोज एक गिलास बादाम वाला दूध नियमित रूप से पीएं।
तिल के बीज
अपने भोजन में तिल के बीज शामिल करने से हड्डियों की कमजोरी दूर होती है। तिल में भी कैल्शियम की उच्च मात्रा होती है, जो कि हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व है। इसके साथ ही तिल में मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, मैंगनीज, तांबा, जस्ता और विटामिन डी भी होता है। उपचार के लिए एक मुट्ठी भुने हुए तिल चबा कर दूध पीएं। इसके अलावा खाने बनाने में भी भुने हुए तिलों को ऊपर से डालकर खाया जा सकता है।
अनानास
अनानास में ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने के लिए जरूरी मैंगनीज शामिल है। मैंगनीज की कमी से हड्डियों का घनत्व कम और हड्डियां पतली हो सकती हैं, ऐसे में अनानास खाने से मैंगनीज की कमी पूरी होती है। उपचार के लिए हर रोज खाना खाने से पहले एक कप अनानास को खाएं। इसके साथ ही अनानास का जूस भी पिया जा सकता है।
धनिया के बीज
धनिया के पत्ते और बीज दोनों में ही मैग्नीशियम, आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम और मैंगनीज आदि पोषक तत्व होते हैं। धनिया के बीजों को गरम पानी में उबालकर कुछ देर ढक कर रखें उसके बाद गुनगुना रहने पर उसमे शहद मिलाकर पीएं। खाने के छौंक में भी धनिया के बीजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। हरे धनिया का इस्तेमाल भी खाना बनाने और चटनी के रूप में करना चाहिए।
इन्हें भी आजमाएं
नियमित रूप से व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें।
कैल्शियमयुक्त खाने की मात्रा बढ़ाएं। जिसमें दूध, दही, पनीर आदि को खाने में शामिल
करें।
आवश्यक फैटी एसिड भी खाने में शामिल किया जाना जरूरी है।
धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।
डिब्बाबंद खाने से बचें।
कैफीन की मात्रा, जैसे चाय, कॉफी और अन्य एनर्जी पेय को कम पीएं।
हमारी हड्डियां कई तरह के मिनरल से मिलकर बनी होती हैं, जो कि उम्र के साथ कम होने लगते हैं। कई बार तो हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि मामूली सी चोट से भी टूट जाती हैं।
ऑस्टियोपोरोसिस प्रोटीन, विटामिन डी और कैल्शियम की कमी की वजह से होता है और महिलाएं इसकी ज्यादा रोगी मिलती हैं।
आइए आपको बताते हैं कि किस तरह घरेलू उपायों को अपनाकर आप ऑस्टियोपोरोसिस से बच सकती हैं।
ऑस्टियोपोरोसिस के लिए घरेलू नुस्ख़े
प्रून्स
प्रून्स यानि सूखे प्लम, खाने से हड्डियों की कमजोरी दूर होती है। प्रून्स में मौजूद पोलीफिनोल्स हड्डियों को हुए नुकसान की भरपाई करता है। इतना ही नहीं प्रून्स में बोरान और तांबा जैसे खनिज होते हैं जो कि हड्डियों के लिए जरूरी खनिजों में शामिल हैं।
सेब
सेब में पोलीफिनोल्स और फ्लेवनोइड्स के साथ ही एंटी ऑक्सीडेंट भी होता है जो कि हड्डियों की सूजन को कम करके उनके घनत्व को बढ़ाता है। इसलिए रोज एक सेब खाने की आदत बनाएं।
नारियल का तेल
एक्सपर्ट की मानें तो अपने आहार नारियल तेल को शामिल करने से हड्डियों का घनत्व बढ़ता है। साथ ही एस्ट्रोजन की कमी भी पूरी होती है। नारियल के तेल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट यौगिक हड्डियों के ढांचे को सुरक्षित रखते हैं।
बादाम का दूध
बादाम के दूध में कैल्श्यिम की उच्च मात्रा होती है। इसलिए बादाम का दूध ऑस्टियोपोरोसिस के बेहद अच्छा उपचार है। बादाम के दूध में हड्डियों के लिए जरूरी तत्व मैग्नीशियम, मैगनीज और पौटेशियम भी शामिल होते हैं। ऐसे में रोज एक गिलास बादाम वाला दूध नियमित रूप से पीएं।
तिल के बीज
अपने भोजन में तिल के बीज शामिल करने से हड्डियों की कमजोरी दूर होती है। तिल में भी कैल्शियम की उच्च मात्रा होती है, जो कि हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व है। इसके साथ ही तिल में मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, मैंगनीज, तांबा, जस्ता और विटामिन डी भी होता है। उपचार के लिए एक मुट्ठी भुने हुए तिल चबा कर दूध पीएं। इसके अलावा खाने बनाने में भी भुने हुए तिलों को ऊपर से डालकर खाया जा सकता है।
अनानास
अनानास में ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने के लिए जरूरी मैंगनीज शामिल है। मैंगनीज की कमी से हड्डियों का घनत्व कम और हड्डियां पतली हो सकती हैं, ऐसे में अनानास खाने से मैंगनीज की कमी पूरी होती है। उपचार के लिए हर रोज खाना खाने से पहले एक कप अनानास को खाएं। इसके साथ ही अनानास का जूस भी पिया जा सकता है।
धनिया के बीज
धनिया के पत्ते और बीज दोनों में ही मैग्नीशियम, आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम और मैंगनीज आदि पोषक तत्व होते हैं। धनिया के बीजों को गरम पानी में उबालकर कुछ देर ढक कर रखें उसके बाद गुनगुना रहने पर उसमे शहद मिलाकर पीएं। खाने के छौंक में भी धनिया के बीजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। हरे धनिया का इस्तेमाल भी खाना बनाने और चटनी के रूप में करना चाहिए।
इन्हें भी आजमाएं
नियमित रूप से व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें।
कैल्शियमयुक्त खाने की मात्रा बढ़ाएं। जिसमें दूध, दही, पनीर आदि को खाने में शामिल
करें।
आवश्यक फैटी एसिड भी खाने में शामिल किया जाना जरूरी है।
धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।
डिब्बाबंद खाने से बचें।
कैफीन की मात्रा, जैसे चाय, कॉफी और अन्य एनर्जी पेय को कम पीएं।
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