Labels

Sunday, 3 July 2016

आखिर क्यों ख़राब नहीं होता गंगाजल, क्या कहता है विज्ञान ?

गंगा नदी भारत की सबसे पवित्र नदी है, इस विशाल नदी ने भारत को बहुत कुछ दिया है और आगे भी देती रहेगी। माना जाता है कि गंगा नदी का प्राकट्य भगीरथ जी ने शिवजी की महान कृपा से करवाया था। वे ही थे जो गंगा जैसी अमृत नदी को सबसे पहले पृथ्वी पर लेकर आये थे। आज हालात दूसरे हैं गंगा नदी को लोगों ने बहुत प्रदुषित कर दिया है। इतने प्रदुषण के बाद भी हिमालय से निकलने वाली इस महान नदी का जल कई दिनों तक खराब नहीं होता है। अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस के अनेकों वैज्ञानिक गंगाजल पर कई बार रिसर्च कर चुके हैं और हैरान हैं गंगाजल की विलक्षणता पर। इंग्लैंड के मशहूर चिकित्सक सी.ई. नेल्सन ने जब गंगा जल पर रिसर्च की तो उन्होंने कहा कि इस पानी में कीटाणु नहीं होते ।

डॉ. हैकिन्स भी ब्रिटिश सरकार की ओर से गंगाजल पर रिसर्च करने आए। उन्होंने गंगा जल में हैजे (कालरा) के कीटाणु डाले जो मात्र 6 घंटे मे ही नष्ट हो गए जबकि साधारण पानी मे हैजे (कालरा) के कीटाणु डाले जाने पर वे कई गुणा बढ गए। रूसी वैज्ञानिकों ने हरिद्वार एवं काशी में स्नान के उपरांत 1950 में कहा था कि उन्हें स्नान के बाद ही उन्हें समझ आया कि भारतीय गंगा को इतना पवित्र क्यों मानते हैं ।

जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर अवधेशानंद जी कहते हैं, इस धरती पर कुछ अलौकिक है जिसे साइंस आज तक नहीं समझ पाई तो वह है गंगा, क्योंकि गंगा इस लोक की नहीं है ।

No comments:

Post a Comment